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अयोध्या विवाद सहित 1.12 लाख केस निपटाए,जस्टिस सुधीर अग्रवाल ने रचा इतिहास

अयोध्या विवाद सहित 1.12 लाख केस निपटाए,जस्टिस सुधीर अग्रवाल ने रचा इतिहास

10 हजार 815 केस लखनऊ बेंच के शामिल


इलाहाबाद-अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद केस के फैसले से चर्चित इलाहाबाद हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने एक लाख 12 हजार मुकदमों का निपटारा कर इतिहास रचा है. इसके साथ ही न्यायमूर्ति अग्रवाल अपने कार्यकाल में देश में सर्वाधिक मुकदमों का निपटारा करने वाले न्यायाधीश बन गए हैं. इनमें से 10 हजार 815 केस लखनऊ बेंच के शामिल हैं. इन मुकदमों में 1788 फैसले नजीर बने, जिन्हें पुस्तकों में प्रकाशित करने योग्य माना गया


न्यायमूर्ति अग्रवाल 5 अक्टूबर 2005 को न्यायाधीश नियुक्त हुए. 23 अप्रैल 2020 तक न्यायाधीश के रूप में कार्य करेंगे. 24 अप्रैल 1958 को शिकोहाबाद, फिरोजाबाद में जन्मे न्यायमूर्ति अग्रवाल अपने निर्भीक व कड़े फैसलों के लिए जाने जाते है. इन्होंने अयोध्या विवाद, ज्योतिष पीठ शंकराचार्य विवाद व डाइया ट्रस्ट विवाद और शंकरगढ़ की रानी के 45 गांवों के पट्टे के विवाद के केस का निपटारा किया.
साथ ही राजनीतिक दलों व संगठनों के विरोध प्रदर्शन में सरकारी व गैर सरकारी संपत्ति के नुकसान की वसूली तंत्र बनाने, प्राइमरी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए नौकरशाहों व नेताओं को अपने बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ाने, सरकारी सेवकों को सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पर ही प्रतिपूर्ति देने, विभागों में जातिगत प्रतिनिधित्व के आधार पर आरक्षण जारी रखने के फैसले शामिल हैं.


इसके अलावा कानून के विपरीत अधिसूचना से फंडामेंटल रूल्स 56में संशोधन कर सरकारी सेवकां की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने के फैसले को विधिविरुद्ध करार देने जैसे कई सुधारात्मक आदेश दिए. न्यायमूर्ति अग्रवाल अयोध्या विवाद ही नहीं अपने कार्यकाल में सर्वाधिक मुकदमे तय करने वाले न्यायमूर्ति के रूप में जाने जाएंगे.
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