(राज काज)

आया राम गया राम बनेंगे येदियुरप्पा?

कर्नाटक में राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया और इसी के साथ एक बार फिर येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बन गए। अब पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कह रहे हैं कि ‘हम जनता के पास जाएंगे और बताएंगे कि कैसे भाजपा संविधान के खिलाफ जा रही है। उन्हें संसद पर भरोसा नहीं है।’ वाकई यह मामला गंभीर हो चला है, खासतौर पर तब जबकि सिद्धारमैया सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहते हैं, ‘सुप्रीम कोर्ट फैसला कहता है कि संख्‍या जरूरी है ना की सबसे बड़ी पार्टी होना।’ अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने भी भाजपा को सरकार बनाने से नहीं रोका तो किस पर भरोसा किया जाएगा, समझ से परे है। जहां तक येदियुरप्पा का मामला है तो वे कर्नाटक के ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्हें पहली बार 2007 में 7 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बनाया गया था, इसके बाद 30 मई 2008 को दूसरी बार मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते जुलाई 2011 में उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ गई और अब उसी दागदार चेहरे को पुन: मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा ने इतिहास रचने जैसा काम कर दिया है। विरोधी कह रहे हैं कि ऐसा न हो कि येदियुरप्पा आया राम गया राम साबित हों।

 

न्यायमूर्ति भी राजनीतिक मैदान में

कोलकाता हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सीएस कर्णन ने ‘एंटी करप्शन डायनामिक पार्टी’ नाम से राजनीतिक पार्टी बनाई है, जिसके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही वे अगला लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और उनकी पार्टी की ओर से अगले आम चुनाव में केवल महिलाओं को उम्मीदवार बनाया जाएगा। इस प्रकार संभवत: यह पहली राजनीतिक पार्टी होगी जो कि पूरी तरह महिलाओं को आगे करके चुनाव लड़ेगी। उनकी पार्टी वाराणसी सहित पूरे देश में चुनाव लड़ेगी, चूंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वाराणसी से सांसद हैं, अत: समझा जा सकता है कि यह पार्टी जहां भ्रष्टाचारियों के खिलाफ चुनाव मैदान में होगी वहीं मोदी जी के लिए भी मुसीबतें खड़ी करेगी। वैसे तो चुनाव में उतरना कोई गलत बात नहीं है, लेकिन पहले भ्रष्टाचारियों के खिलाफ आवाज उठाना और अब न्यायमूर्ति से सीधे राजनीति में कदम रखना, तरह-तरह के सवालों को जन्म देने जैसा काम है।

 

उत्तर कोरिया दौरे के निहितार्थ

केंद्र की मोदी सरकार ने शुरु से ही चौंकाने वाले फैसले लिए हैं, उन्हीं फैसलों में अब एक और कूटनीतिक फैसले को लिया जा रहा है। पहले चीन के राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनौपचारिक वार्ता, फिर रूस के राष्ट्रपति के साथ ऐसी ही दूसरी वार्ता और अब उत्तर कोरिया के साथ वीके सिंह के जरिए संपर्क साधने की कोशिश। दरअसल इस समय जबकि उत्तर कोरिया दुनिया की नजर में है और कभी भी युद्ध होने के आशंका बढ़ती चली जा रही है, ऐसे में विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह 15 मई को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचे और प्रमुख नेता किम जोंग उन के मंत्रिमंडल के आला अधिकारियों से वार्ता की। इससे यह स्पष्ट हो गया कि अमेरिका भले कुछ भी क्यों न कहे भारत अब उत्तर कोरिया से अच्छे संबंध चाहता है।

 

ट्रंप की नजर में प्रवासी हैं जानवर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रवासियों के खिलाफ जहर उगलने का काम किया है। इस बार उन्होंने बाहरी देशों से अमेरिका में आकर बसने वाले प्रवासियों पर तीखा हमला बोला और कह दिया कि ‘हमारे देश में जो लोग आ रहे हैं या आने की कोशिश कर रहे हैं, हम उन्हें बाहर भगा रहे हैं। आपको विश्वास नहीं होगा कि ये लोग कितने खराब हैं, ये लोग नहीं हैं बल्कि जानवर हैं, इसलिए हम उन्हें देश से बाहर निकाल रहे हैं।’ अब ट्रंप की नजर से यदि इन प्रवासियों को देखा जाएगा तो उनके साथ जानवरों जैसा ही सुलूक किया जाएगा। यह न सिर्फ मानवता के खिलाफ हैं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय कानून के भी खिलाफ बात है। अब यह समझाए कौन क्योंकि राजा की अगाड़ी और घोड़े की पिछाड़ी खतरे से खाली नहीं होती।

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