एक सोच………..

एक सोच………..

भाईयो एक बात सोचने की है।
बड़े घरो में नौकर लगभग सभी रखते है।
उनमें से बहुत सारे घारो में बच्चे नौकर होते है।
यदि उन घरो के लोग उस नौकर बच्चे को काम के साथ- साथ स्कूल में पढ़ाए तो
एक भाई एक देश का नागरिक पढ़ जाएगा।
जो बहुत बड़ा ( धन ) आदमी है वो प्राइवेट स्कूल में भेज सकता है।
जो समान्य ( कम धन ) आदमी है वो सरकारी स्कूल में भेज सकता है।
सरकारी स्कूल में तो लगभग समान सरकार देती है।
आपके एक छोटे से कदम से एक बच्चा पढ़ सकेगा।
आपके उसी कदम से वो आगे बढ़ सकेगा।
इससे देश में भी पढ़े – लिखे लोगो की गिनती बढ़ेगी।
देश की पढ़े – लिखे बाहरी देशो में गिनती बढ़ेगी।
जब देश के बच्चे पढ़े
तभी हिन्दुस्तान आगे बढ़े

खुशहाल ( विकास ) कस्वां
सिरसा हरियाणा

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