आतंक की दस्तक से आतंकित हैं सफ़ेदपोश..,

आतंक की दस्तक  से आतंकित हैं सफ़ेदपोश..,

नितिन राजीव सिन्हा

रमन सिंह अब विपक्ष में हैं और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री हैं जो कल तक शहंशाह थे आज बहादुर शाह ज़फ़र बन गये हैं,झीरम घाटी में कांग्रेस के क़ाफ़िले पर शर्मनाक हमला जिस सरकार के नाक के नीचे हुआ जिस पर रमन सिंह की निष्ठुर प्रतिक्रिया आई थी कि यह सुरक्षा में चूक का मामला है इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिये वही रमन आज आतंकित हैं..,

रमन सिंह ने भाजयुमो की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में कहा है कि सरकार बदलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने की घटना सामने आ रही है..,

रमन सिंह की बातों पर ग़ौर करें तो वे झीरम जैसी किसी कल्पना से भयभीत नज़र नहीं आ रहे हैं बल्कि भाजपा के लोगों के कथित आर्थिक साम्राज्य जो कि हज़ारों करोड़ के अनुमानों की नीव पर खड़ी की गई भव्य इमारत है उस पर पड़े हुए पर्दे के उठ जाने के भय से आतंकित नज़र आते हुए दिखाई पड़ रहे हैं..,

बहादुर शाह ज़फ़र के दिन जेल में गुज़रे थे यह इतिहास में दर्ज है लेकिन पनामा पेपर लीक के पापा और नान घोटाले की मोहतरमा के करवा चौथ के चाँद का भविष्य पर संशय के बादल उमड़ घुमड़ रहे हैं ऐसे में रमन सिंह के आतंकित मनों पर लिखना होगा कि-

अपनी सूरत

से ख़फ़ा बैठे

हैं जो..,

आइना न

रखो सामने

उनके पसीना

छूटता है..,

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