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कांग्रेस के क़हर के आगे टिक न सकी भाजपा..,

कांग्रेस के क़हर  के आगे टिक न  सकी भाजपा..,
नितिन राजीव सिन्हा

जन रुझान का आलम यह है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव के संयुक्त नेतृत्व में भाजपा एवं टीम रमन पर क़हर बन कर टूट पड़ी है विकलांग नेता के काँधे के सवारों के लिये आगे कुआँ,पीछे खाई वाली दशा निर्मित हुई दिखाई देती है..,

सिंहदेव ने कारगर घोषणा पत्र बनाया जिसने जनमत पर गहरा प्रभाव डाला और कांग्रेस के अलावा कोई और विकल्प पर विचार करना उसे आत्मघाती क़दम मालूम पड़ा..,

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की रणनीति को आगे बढ़ाया जिससे कांग्रेस संगठित नज़र आई इससे जाति समीकरणों को साधने में भी बड़ी कामयाबी मिली,वहीं कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण बहुत सधा हुआ क़दम था..,

२०१३ में नेतृत्व विहीन हुई कांग्रेस ने चरण दास महंत के लचर और लाचार नेतृत्व में जीती हुई बाज़ी हारी थी इससे कार्यकर्ता हताश और निराश हुआ था छत्तीसगढ़ की जनता ने भी कांग्रेस की इस नाकाम नेतृत्व को अन्यथा लिया था परिणाम स्वरूप २०१४ के लोक सभा चुनाव में ११ में से १० सीट कांग्रेस हार गई..,

लेकिन उसके बाद से भूपेश आक्रामक हुए और कांग्रेस की कमज़ोर कड़ी जोगी पिता पुत्र को बाहर का रास्ता दिखाया इससे मतदाता वर्ग कांग्रेस की ओर आकर्षित हुआ ..,

क़रीब १२% सामान्य वर्ग के मतदाता जिसमें ब्राह्मण बनिया ठाकुर वग़ैरह शामिल हैं वह कांग्रेस को मतदान करने से कतराता था क्योंकि जोगी में उसे जातिगत कुंठा के दर्शन होते थे,जोगी के दर बदर होने से यह मतदाता वर्ग भाजपा से छिटक कर कांग्रेस की ओर आ गया..,

जोगी,कांग्रेस से बाहर जाकर बीएसपी के हाथी पर सवार हुए..कहते हैं कांग्रेस के वोट काटने के लिये यह वोट काटू गठबंधन भाजपा को फ़ायदा पहुँचाने के मद्देनज़र किया गया था लेकिन एससी मतदाताओं का अपेक्षित सहयोग उसे मिलता हुआ नहीं दिखा..,

ओ॰बी.सी.मतदाता वर्ग भूपेश के प्रति एक जुट होता गया साथ ही साहू समाज को केंद्रिय नेतृत्व ने परस्पर महत्व दिया इससे २२% साहू मतों का ध्रुवीकरण कुछ हद तक कांग्रेस के लिये होता हुआ दिखा..,

झूठ की कश्ती के सवार भाजपा ने विगत तीन चुनावों के घोषणा पत्र को अमल में नही लाया इससे किसान और कर्मचारी रमन सरकार की नीतियों से हताश थे इसका लाभ कांग्रेस को हुआ..,कुल मिलाकर इस चुनाव में कांग्रेस के क़हर ने भाजपा का सूपड़ा साफ़ कर दिया है आज का दिन ने मतदान के दूसरे दिन ही लिख दिया था कि भाजपा ९ से १५ सीटों पर सिमट रही है(कुल ९० सीट में से) एक्ज़िट पोल में टी वी चैनलो का आकलन भी कमोबेश यही है..,

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