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खेल-खेल में बच्चों को ऐसे सिखाएं आत्मनिर्भर बनना

खेल-खेल में बच्चों को ऐसे सिखाएं आत्मनिर्भर बनना

फेवरिट डिश,कपड़े और जूते का चुनाव खुद करने दें
आप हमेशा या यूं कहें जिंदगी भर अपने बच्चे के साथ नहीं रह सकते और न ही आपका बच्चा हमेशा बच्चा ही रहेगा। एक समय आएगा जब उसे अपनी जिंदगी के सारे फैसले खुद लेने पड़ेंगे। ऐसे में आपको बचपन से ही अपने बच्चे को आत्मनिर्भर बनाना पड़ेगा। इसकी शुरुआत आप छोटी-छोटी चीजों से कर सकती हैं जैसे- बचपन से ही वे अपने कपड़े और जूते चुनें या रेस्तरां में अपनी फेवरिट डिश का चुनाव खुद करें।

बच्चों को उनके काम खुद करने दें
अगर आप अपने बच्चों के सारे काम खुद करेंगी तो बच्चे को उसकी आदत पड़ जाएगी। उन्हें अपना बेड खुद से सेट करने को बोलें और डिनर टेबल भी बच्चों से सेट करवाएं। उन्हें ये अहसास दिलाएं कि ये उनका भी घर है और बाकि लोगों की तरह उन्हें भी घर के हर काम में सहयोग करना होगा। आप उन्हें जितने काम के लिए बोलेंगी ,वे उतने ही जिम्मेदार और आत्मनिर्भर बनेंगे।

बच्चों को अपनी मदद के लिए प्रोत्साहित करें
अपने हर काम में बच्चे की मदद लें। चाहे कपड़े धुलने हों या खाना बनाना हो। इसमें कोई दो राय नहीं है कि बच्चे काम करेंगे तो चीजें इधर-उधर हो जाएंगी। हो सकता है कि वे कपड़े धोएं कम और आपका काम ज्यादा फैलाएं लेकिन इससे कम से कम वे मदद करना सीखेंगे। अगली बार आपके बिना बोले ही वे मदद करने को आ जाएंगे।

बच्चों को कुछ चीजों का सामना खुद करने दें
एक पैरंट के तौर पर आप अपने बच्चे के लिए सबकुछ करना चाहते हैं। उन्हें हर तरह की मुश्किल से बचाना चाहते हैं। लेकिन इस मामले में आपको एक कदम पीछे लेना होगा ताकि आपका बच्चो उस चीज को खुद अनुभव करे,उस परिस्थिति का सामना खुद करे।

रुटीन बनाएं और बच्चे से उसे फॉलो करने को कहें
ये ध्यान रखें कि एक निश्चित रूटीन फॉलो करें। इससे आपको एक सेंस ऑफ अथॉरिटी मिलेगी और बच्चे को फॉलो करने के लिए एक पैटर्न मिलेगा। इससे वे अपने रोज के टास्क को एक सिस्टमैटिक तरीके से कर पाएंगे। जैसे रात में सोने से पहले स्कूल के जूते पॉलिश करना। ऐसे बच्चे अपने सारे काम खुद से करना सीख जाएंगे और आपकी मदद भी नहीं मांगेंगे। बच्चों की आत्मनिर्भरता के लिए ये पहला कदम हो सकता है।

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