पता नहीं किस चश्मे से रमन सिंह देखते हैं विकास: कांग्रेस

पता नहीं किस चश्मे से रमन सिंह देखते हैं विकास: कांग्रेस

आंकड़ों की बाज़ीगरी से जनता का जीवन नहीं बदलता

सच यह है कि छत्तीसगढ़ 15 वर्षों में बदहाल हो गया

पत्रवार्ता के बिंदु…,

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि छत्तीसगढ़ उन राज्यों में से हैं जो देश के विकास में बाधक हैं तो यह ग़लत नहीं था.सच यह है कि छत्तीसगढ़ पिछले 15 वर्षों में छत्तीसगढ़ में विकास की जगह विनाश अधिक हुआ है.जब राज्य बना तो छत्तीसगढ़ में 37% ग़रीब थे, अब वे बढ़कर 50% तक हो गए हैं.इस आंकड़े की पुष्टि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जब भिलाई में उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में एक करोड़ 30 लाख ग़रीबों के जनधन खाते खुले हैं.नेशनल सैंपल सर्वे की रिपोर्ट बताती है कि देश की सबसे ज़्यादा झुग्गियां छत्तीसगढ़ में हैं. यहां 18% आबादी झुग्गियों में रहती है.भारत सरकार के आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ उन राज्यों में से एक है जहां किसान सबसे अधिक मज़दूर बनने पर मजबूर हुए हैं.पिछले तीन वर्षों में ही छत्तीसगढ़ में 1400 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है.महिलाओं और बच्चों में कुपोषण के मामले में छत्तीसगढ़ सबसे पिछड़ा हुआ है. 15 वर्षों के कथित विकास के बाद भी यहां क़रीब 38% कुपोषित हैं. गांवों में तो यह प्रतिशत 60 से भी अधिक चला जाता है.विकास का आलम यह है कि रमन सिंह को विकास दिखाने के लिए पूरे प्रदेश से जनप्रतिनिधियों को ढो ढोकर नया रायपुर दिखाना पड़ा.सच यह है कि रायपुर से बाहर सड़कों की हालत ख़राब है. चाहे वह रायपुर बिलासपुर मार्ग हो या फिर बिलासपुर से अंबिकापुर मार्ग.बेरोज़गारी के आंकड़े आसमान छू रहे हैं. पंजीकृत और अपंजीकृत बेरोज़गार मिलाकर प्रदेश में लगभग 50 लाख बेरोज़गार हैं.प्रदेश के 70 से भी अधिक कर्मचारी पिछले दो वर्षों में हड़ताल करते रहे. पहली बार पुलिस विभाग में भी नाराज़गी दिखाई दी.विकास कहां और किसका हुआ?किसान नाराज़, मज़दूर बेकार, उद्योगपति और कारोबारी नाराज़, सरकारी कर्मचारी नाख़ुश तो फिर पिछले 15 वर्षों में किसका विकास हुआ?कई मंत्रियों पर सरकारी ज़मीन और तालाब हड़पने का आरोप है.भाजपा नेताओं की संपत्ति बेतहाशा बढ़ी है.अफ़सरों की संपत्ति बेहिसाब बढ़ी है.तो विकास जनता का नहीं हुआ. भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं और अफ़सरों का ही विकास हुआ.

About VIDYANAND THAKUR

Leave a reply translated

Your email address will not be published. Required fields are marked *